Library › Bhajans

मेरे दाता के दरबार में सब लोगों का खाता

Mere Data Ke Darbar Mein Sab Logon Ka Khata

  • Bhajan
  • Hindi
  • Unverified text

This text has not yet been checked against a reliable source. Please verify before using it for ritual or teaching.

मेरे दाता के दरबार में,सब लोगो का खाता,जो कोई जैसी करनी करता,वैसा ही फल पाता,

क्या साधू क्या संत गृहस्थी,क्या राजा क्या रानी,प्रभू की पुस्तक में लिक्खी है,सबकी कर्म कहानी,अन्तर्यामी अन्दर बैठा,सबका हिसाब लगाता,मेरे दाता के दरबार में.....

बड़े बड़े कानून प्रभू के,बड़ी बड़ी मर्यादा,किसी को कौड़ी कम नहीं मिलती,मिले न पाई ज्यादा,इसीलिए तो वह दुनियाँ काजगतपति कहलाता,मेरे दाता के दरबार में......

चले न उसके आगे रिश्वत,चले नहीं चालाकी,उसकी लेन देन की बन्दे,रीति बड़ी है बाँकी,समझदार तो चुप रहता है,मूरख शोर मचाता,मेरे दाता के दरबार में.....

उजली करनी करले बन्दे,करम न करियो काला,लाख आँख से देख रहा है,तुझे देखने वाला,उसकी तेज नज़र से बन्दे,कोई नहीं बच पाता,मेरे दाता के दरबार में.....

मेरे दाता के दरबार में,सब लोगो का खाता

About this text

Language
Hindi
Reference
Text supplied by the site owner on 2026-11-04. Original source and author not yet recorded.
Status
Unverified text
Also written
Mere Daata Ke Darbaar Mein · Mere Data Ke Darbar Mein Sab Logo Ka Khata · Mere Data Ke Darbar Mein

Found a mistake? Tell us and we will check it against the source.

More Bhajans